जबलपुर बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच तेज। चश्मदीद ने जस्टिस संजय द्विवेदी को सौंपे वीडियो साक्ष्य। एम्बुलेंस में मेडिकल स्टाफ न होने और SDRF की देरी पर उठे सवाल।
सतना-जबलपुर रेलखंड पर ट्रेन से गिरे युवक की मौत इलाज में लापरवाही के कारण हो गई। पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुँचाया, डॉक्टर ने रेफर भी कर दिया लेकिन 108 एम्बुलेंस 3 घंटे तक नहीं आई। एम्बुलेंस का इंतजार करते-करते युवक ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।
सतना जिले के उचेहरा में ट्रेन से गिरकर घायल हुए युवक की मौत इलाज के अभाव में हो गई। डॉक्टर ने रेफर किया लेकिन 108 एम्बुलेंस तीन घंटे तक नहीं आई। घायल स्ट्रेचर पर तड़पता रहा और आखिरकार दम तोड़ दिया। मौत के बाद भी शव शाम तक अस्पताल के बाहर पड़ा रहा। सरकारी सिस्टम की लापरवाही ने गोल्डन आवर की हत्या कर दी।
रीवा जिले के मऊगंज में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली सामने आई, जब एम्बुलेंस न मिलने पर परिजनों ने 75 वर्षीय मरीज को ठेले में लादकर अस्पताल पहुंचाया। घटना ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की लापरवाही उजागर कर दी है।
सतना जिले के रामनगर अस्पताल में गंभीर मरीज को एम्बुलेंस तक नहीं मिल सकी, जबकि तीन एम्बुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी थीं। जांच में खुलासा हुआ कि ड्राइवर ने फर्जी तरीके से गाड़ी को ऑन-रोड दिखाया। लापरवाही के चलते ड्राइवर और EMT को सस्पेंड कर भोपाल अटैच किया गया। 108 सेवा की यह मनमानी अब आम हो गई है।

















